अष्टाध्यायी का औपचारिक तंत्र
पाणिनि का व्याकरण विश्व का प्रथम और सबसे पूर्ण एल्गोरिदमिक व्याकरण है। लगभग चार हजार सूत्रों में संस्कृत के समग्र धातु-रूपों, प्रत्ययों और संधि-नियमों को उन्होंने गणितीय परिशुद्धता के साथ गूंथा है।
कम्प्यूटर विज्ञान में अनुप्रयोग
मशीनी अनुवाद, पार्सिंग और सिमेंटिक वेब के लिए पाणिनि का कारक सिद्धांत आज भी वैश्विक स्तर पर शोध का विषय बना हुआ है।